NOI संवाददाता, कानपुर। शहर में एक बार फिर हीट वेव का असर तेज हो गया है। शुक्रवार को शहर का अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया, जबकि उमस बढ़ने से लोगों को चुभन भरी गर्मी का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग ने 24 जून तक हीट वेव बने रहने की संभावना जताई है।

मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.2 डिग्री अधिक रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 27.6 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। तेज धूप और गर्म हवा के कारण दोपहर में सड़कों पर सन्नाटा नजर आया।

मौसम विभाग के मुताबिक बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से लगातार नमी आने के कारण उमस में भारी बढ़ोतरी हुई है। अधिकतम आर्द्रता 63 प्रतिशत और न्यूनतम 39 प्रतिशत दर्ज की गई। इसके चलते हीट इंडेक्स 65 तक पहुंच गया, जो रेड श्रेणी में माना जाता है। इस स्थिति में हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।

मौसम विभाग ने बताया कि 21 और 22 जून को शहर में हीट वेव अपने चरम पर रह सकती है। मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, पूर्वी उत्तर प्रदेश के ज्यादातर जिलों में हीट वेव का प्रभाव पड़ा है। 21 जून से इसका दायरा बढ़ जाएगा और कानपुर में हीट वेव अपने पीक पर पहुंच जाएगी। मानसूनी गतिविधियां बढ़ जाने से मौसम में बदलाव अधिक हो रहे हैं।

हवा की दिशा बीच-बीच मिश्रित हो जा रही है। शुक्रवार को 12-15 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से लू चलती रही। इसकी रफ्तार भी बढ़ेगी। मौसम विशेषज्ञ डा. एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि अगले दो दिनों तक हल्के बादल छाए रहने के बावजूद उमस भरी गर्मी बनी रहेगी। फिलहाल बारिश की संभावना नहीं है।

अल नीनो से होने वाली कमी पूरी करेगा डाइपोल

मौसम विभाग ने प्रदेश में 20 से 25 जून के बीच में मानसून की दस्तक पहुंचने का अनुमान लगाया है। मानसून आने के बाद भी बारिश की अधिक संभावना नहीं बताई जा रही है। अब तक अनुमान से 24 फीसदी बारिश कम हुई है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसा अल नीनो के कारण ऐसा हो रहा है, लेकिन इस कमी को थोड़ा देर से इंडियन ओशियन डाइपोल पूरी कर देगा। मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को मानसून बिहार में रुका हुआ था। अभी आगे तो नहीं बढ़ रहा है लेकिन स्थितियां अनुकूल हैं जिससे दो-तीन दिनों में आगे बढ़ सकता है।

मौसम विशेषज्ञाें के अनुसार, प्रशांत महासागर में तापमान सामान्य से लगभग 0.8 डिग्री सेल्सियस अधिक बना हुआ है। इसके साथ ही हिंद महासागर डाइपोल (आइओडी) अभी तटस्थ अवस्था में है, जो अगस्त-सितंबर में विकसित हो सकता है। मौसम विशेषज्ञ डा. एसएन सुनील पांडेय का कहना है कि ऐसी स्थिति में हिंद महासागर से भारत की ओर वाली नमी का प्रवाह बढ़ जाएगा, जो अलनीनो के प्रतिकूल प्रभाव को काफी हद तक संतुलित करेगा। यह बारिश की कमी को पूरा करेगा। लेकिन, इसमें समय अधिक लगेगा।

तारीख न्यूनतम अधिकतम (डिग्री)

15 जून: 27.0 39.3
16 जून: 25.2 39.4
17 जून: 28.4 40.0
18 जून: 27.4 39.6
19 जून: 27.6 41.0

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