NOI संवाददाता, कानपुर। छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) में पहली बार बीएससी गृह विज्ञान (आनर्स) का पाठ्यक्रम शुरू किया जा रहा है। नई शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप तैयार यह चार वर्षीय रोजगारपरक पाठ्यक्रम शैक्षणिक सत्र 2026-27 से स्कूल आफ एडवांस्ड एग्रीकल्चर साइंस एंड टेक्नोलाजी (एसएएएसटी) के अंतर्गत संचालित होगा।

विश्वविद्यालय ने पाठ्यक्रम में 40 सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी है। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार इस पाठ्यक्रम की वार्षिक फीस 41,200 रुपए निर्धारित की गई है। विज्ञान, कला, कृषि और वाणिज्य वर्ग से इंटरमीडिएट परीक्षा पास करने वाले छात्र-छात्राएं इसमें प्रवेश ले सकेंगे। इच्छुक अभ्यर्थी विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट www.csjmu.ac.in पर जाकर आनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

संस्थान के निदेशक डा. हिमांशू त्रिवेदी ने बताया कि बीएससी (आनर्स) गृह विज्ञान पाठ्यक्रम विद्यार्थियों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार दोनों दृष्टियों से अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा। उन्होंने बताया कि पाठ्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों को खाद्य एवं पोषण विज्ञान, गृह प्रबंधन, मानव विकास, वस्त्र एवं परिधान, प्रसार शिक्षा और सामुदायिक विकास जैसे विषयों का अध्ययन कराया जाएगा। साथ ही आधुनिक जीवनशैली और समाज की आवश्यकताओं के अनुरूप व्यावहारिक एवं तकनीकी प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

एसएएएसटी के निदेशक डा. हिमांशु त्रिवेदी ने बताया कि यह पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को रोजगार और स्वरोजगार दोनों के लिए तैयार करेगा। इस पाठ्यक्रम को पूर्ण करने के पश्चात विद्यार्थी डाइटिशियन, न्यूट्रिशनिस्ट, फूड इंस्पेक्टर, इंटीरियर डिजाइनर, फैशन डिजाइनर, काउंसलर, शिक्षक, होटल प्रबंधन विशेषज्ञ, उद्यमी तथा विभिन्न सरकारी एवं गैर-सरकारी संस्थाओं में आकर्षक रोजगार के अवसर प्राप्त कर सकेंगे। साथ ही, स्वरोजगार एवं स्टार्टअप स्थापित करने की भी व्यापक संभावनाएं उपलब्ध होंगी।

उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम के सफलतापूर्वक पूर्ण होने के बाद विद्यार्थी एमएससी, पीएचडी एवं अन्य उच्च शिक्षा कार्यक्रमों में प्रवेश लेकर शोध, शिक्षण एवं अकादमिक क्षेत्र में अपना उज्ज्वल भविष्य बना सकते हैं। कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को कौशल आधारित और रोजगारोन्मुखी शिक्षा उपलब्ध कराना है।

गृह विज्ञान ऐसा विषय है, जो परिवार, स्वास्थ्य, पोषण और समाज के विकास से सीधे जुड़ा है। यह पाठ्यक्रम विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, वैज्ञानिक सोच और नवाचार की भावना विकसित करेगा।

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