विधि संवाददाता, NOI, लखनऊ। इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने दो बच्चों के बीच उम्र का अंतर दो साल से कम होने के आधार पर महिला कर्मचारी को मातृत्व अवकाश देने से इन्कार करने के आदेश को निरस्त कर दिया है।

कोर्ट ने संबंधित प्राधिकारी को याची को 17 जून से 13 दिसंबर तक मातृत्व अवकाश मंजूर करने और इसके सभी परिणामी सेवा लाभ देने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति पंकज भाटिया ने याची सीमा की ओर से दाखिल रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। याची ने 20 जुलाई के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उसके 17 जून से 13 दिसंबर तक के मातृत्व अवकाश के आवेदन को केवल इस आधार पर खारिज कर दिया गया था कि उसके दोनों बच्चों की उम्र में दो वर्ष से कम का अंतर है।\

आदेश में कोर्ट ने कहा कि इसी मुद्दे पर वह पहले ही मनीषा यादव बनाम उत्तर प्रदेश राज्य एवं अन्य मामले में 16 अप्रैल को फैसला दे चुकी है। कोर्ट ने कहा कि मनीषा यादव मामले में तय कानूनी स्थिति वर्तमान मामले के तथ्यों पर भी पूरी तरह लागू होती है। इसलिए याची की याचिका स्वीकार करते हुए 20 जुलाई का आदेश निरस्त किया जाता है।

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