NOI संवाददाता, कानपुर। भ्रष्टाचार की शिकायतों और दैनिक जागरण की खबरों का संज्ञान लेकर सोमवार को कानपुर आरटीओ कार्यालय में बड़ी कार्रवाई हुई। दूसरे दिन मंगलवार को छापेमारी का बड़ा असर देखने को मिला है। आरटीओ परिसर का नजारा पूरी तरह बदला हुआ है। कार्यालय परिसर और आसपास के रास्तों से रोज मंडराने वाले दलाल पूरी तरह गायब नजर आए। इसका सीधा फायदा उन आम लोगों और जरूरतमंदों को मिला, जो अपने जरूरी काम के लिए हर दिन आरटीओ के चक्कर काटते थे।

मंगलवार को सुबह से ही आरटीओ कार्यालय में सन्नाटा तो नहीं, लेकिन एक अनुशासित माहौल दिखाई दिया। खिड़कियों पर लंबी कतारें नहीं थीं और लोग बिना किसी बिचौलिए के सीधे काउंटरों पर जाकर अपना काम करा रहे थे। ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना हो, वाहनों का पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) कराना हो या फिर फिटनेस सर्टिफिकेट लेना हो, सभी काउंटर सुचारू रूप से चलते मिले। जनता का कहना है कि दलालों के न होने से न सिर्फ उनके पैसों की बचत हो रही है, बल्कि काम भी बहुत कम समय में और आसानी से हो रहा है।

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, यह छापेमारी केवल एक दिन की औपचारिकता नहीं थी। परिसर की सुरक्षा बढ़ा दी गई है और संदिग्ध लोगों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। एआरटीओ प्रशासन ने भी कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि किसी भी बाहरी व्यक्ति या दलाल को खिड़कियों के आसपास न फटकने दिया जाए। जो काम पहले दलालों के जरिए मोटी रकम देने पर होता था, वह अब तय सरकारी फीस में सीधे काउंटर पर हो रहा है। इस कार्रवाई से आरटीओ कार्यालय में आने वाले आम नागरिकों के चेहरों पर राहत साफ देखी जा सकती है।

लोगों ने प्रशासन की इस पहल की सराहना की है और मांग की है कि इस व्यवस्था को भविष्य में भी इसी तरह बरकरार रखा जाए, ताकि दलालों का आतंक दोबारा न बढ़ सके। फिटनेस के लिए जाजमऊ से आए अर्जुन सिंह, विपनेश, आशुतोष मिश्रा का कहना है कि अधिकारियों की छापेमारी का असर यह है कि आरटीओ कार्यालय में दलालों की फौज गायब है। जरूरतमंद के काम हो रहे हैं। कोई भीड़भाड़ नहीं है। बिना दलालों के लोगों के आसानी से काम भी निपट रहे हैं।

आरटीओ कार्यालय के बाहर हर रोज सजने वाले अस्थाई निजी काउंटर भी गायब हैं, ना ही कोई भीड़ है। सारथी भवन में भी लोगों के बिना सुविधा शुल्क के झटके में काम हो रहे हैं।

 ये था पूरा मामला

सोमवार दोपहर करीब 12:50 बजे पुलिस-प्रशासन की टीम ने आरटीओ में छापा मारा था। ड्रोन कैमरों से निगरानी कर 42 लोगों को दबोचा गया। पूछताछ के बाद 31 को छोड़ दिया गया। दो बाबू मधुर मिश्र और विपिन श्रीवास्तव समेत 15 पर मुकदमा दर्ज कर 11 दलालों को गिरफ्तार किया गया था। आरोपित बाबू और दो दलाल पकड़ से दूर हैं। एआरटीओ प्रवर्तन के कमरे के सामने कक्ष में बाबू के पास एक लाख रुपये नकद रखे मिले, जिनका वह हिसाब नहीं दे सके। एक बाबू के पास धनराशि कम मिली और वे भी कुछ बता पाने के बजाय हाथ जोड़कर माफी मांगते रहे।

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