कानपुर में एक रेडीमेड कपड़े के व्यापारी को 10 लाख के कारोबार पर 5 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी का नोटिस मिला है। जांच में सामने आया कि उनके कर अधिवक्ता ने उनकी फर्म के नाम पर फर्जी लेनदेन कर यह धोखाधड़ी की है।

NOI संवाददाता, कानपुर। चमनगंज में सालाना 10 लाख रुपये का रेडीमेड कपड़ों का कारोबार करने वाले व्यापारी की फर्म के नाम पर शातिरों ने करोड़ों का फर्जी लेन-देन कर डाला। पीड़ित को जब वाणिज्य कर विभाग से पांच करोड़ रुपये की कर चोरी का नोटिस मिला तो मामले का पर्दाफाश हुआ। पीड़ित व्यापारी ने पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की गुहार लगाई है।

फहीमाबाद कालोनी निवासी फिरदौस अहमद का दलेलपुरवा में कपड़ों का कारखाना है। उन्होंने बताया कि मेसर्स मदर दुआ नाम से उनकी फर्म पंजीकृत है। गत 12 अगस्त को विभाग से एक नोटिस प्राप्त हुआ। इसमें वर्ष 2022-2023 के दौरान पांच करोड़ रुपये का टर्नओवर दिखाकर कर चोरी का आरोप लगाया गया था। नोटिस में रेडीमेड कपड़ों के स्थान पर फर्म को लोहे के स्क्रैप से जुड़ा दर्शाया गया, जिसे देखकर उनके होश उड़ गए।

पीड़ित के अनुसार यह धोखाधड़ी उनके ही कर अधिवक्ता फिरोज खान ने की है। आरोपित फिरोज को पुलिस 3200 करोड़ रुपये के साइबर फ्राड मामले में नौ मई को पहले ही जेल भेज चुकी है। पीड़ित का कहना है कि कम पढ़ा-लिखा होने के कारण अधिवक्ता ने उनकी अज्ञानता का फायदा उठाया। वह बैंक खाते में रकम मंगवाकर खुद निकाल लेता था।

पुलिस इस सिंडीकेट से जुड़े महफूज को भी सलाखों के पीछे भेज चुकी है, जिसने पूछताछ में फिरोज को गिरोह का सरगना बताया था। थाना प्रभारी रिकेश कुमार सिंह ने बताया कि शिकायती पत्र के आधार पर साक्ष्यों की जांच की जा रही है और संबंधित कर अधिकारियों को भी आवश्यक सूचना दी गई है।

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