Salman Khan Wins Bronze Medal:  सेना में भर्ती होने के बाद शुरू हुआ सलमान खान का रोइंग का सफर अब उन्हें एशियाई खेलों का पदक विजेता बना चुका है।

NOI डेस्क, लखनऊ:  Asian Games 2026, Salman Khan Rower: अमेठी के सलमान खान को सेना में भर्ती होने का बड़ा लाभ मिला है। सलमान ने जापान में चल रहे एशियाई खेल 2026 में रोइंग में पुरुष डबल स्कल्स में भारत के लिए कांस्य पदक जीतकर प्रदेश का मान बढ़ाया।

सलमान खान और पंजाब के सतनाम सिंह की भारतीय जोड़ी गुरुवार को आइची-नगोया की नागाला नदी मे इंटरनेशनल रोइंग कोर्स में पुरुष डबल स्कल्स स्पर्धा के फाइनल में 6 मिनट 13.25 सेकेंड के समय के साथ तीसरे स्थान पर रही। पुरुष डबल स्कल्स स्पर्धा का स्वर्ण चीन की यी शुदी और नी यिदे की जोड़ी ने 6:09.77 के समय के साथ जीता, जबकि उज्बेकिस्तान के पावेल सोरिन और मेखरोजबेक मामातकुलोव ने 6:10.49 के समय के साथ रजत पदक जीता।

अमेठी के सलमान ने पिता के निधन के बाद दिल्ली में कैब चलाई, फिर 2018 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। सलमान खान चार भाइयों और दो बहनों में सबसे बड़े हैं। उनके पिता मोहम्मद कासिम खान ट्रक-बॉडी बनाने का काम करते थे।

डेंगू के कारण पिता के निधन के समय सलमान महज 18 वर्ष के थे। पिता के निधन के बाद बड़े परिवार की जिम्मेदारी अचानक उनके कंधों पर आ गई। सलमान भारतीय सेना में शामिल होकर देश की सेवा करना चाहते थे, लेकिन परिवार की परिस्थितियों ने उन्हें अपना सपना कुछ समय के लिए रोकने पर मजबूर कर दिया।

एशियन गेम्स के पोडियम तक पहुंचे सेना के जवान

सलमान खान ने सेना में भर्ती होकर रोइंग को अपनाया और अब एशियन गेम्स के पोडियम तक पहुंचे। उनके लिए यह कांस्य पदक इसलिए भी खास है क्योंकि सेना में भर्ती होने के बाद शुरू हुआ रोइंग का सफर अब उन्हें एशियाई खेलों का पदक विजेता बना चुका है।

भारतीय जोड़ी ने रेस में शानदार शुरुआत की

सलमान खान और सतनाम सिंह की भारतीय जोड़ी ने रेस में शानदार शुरुआत की और 500, 1000 तथा 1500 मीटर तक दूसरे स्थान पर बनी रही। अंतिम 500 मीटर में रफ्तार कुछ कम होने के कारण भारतीय जोड़ी तीसरे स्थान पर रही। भारतीय जोड़ी स्वर्ण पदक विजेता चीन से 3.48 सेकेंड और रजत पदक विजेता उज्बेकिस्तान से 2.76 सेकेंड पीछे रही।

2018 में सेना में आए, रोइंग ने बदली जिंदगी

अमेठी के सलमान खान 2018 में भारतीय सेना के बॉम्बे इंजीनियर ग्रुप में शामिल हुए थे। सेना में आने के बाद ही उनका रोइंग से जुड़ाव हुआ। प्रशिक्षकों ने उनकी क्षमता को पहचाना और उन्हें रोइंग टीम में शामिल किया। इसके बाद उन्होंने बटालियन और इंटर सेंटर प्रतियोगिताओं में पदक जीते और आगे चलकर आर्मी रोइंग नोड में प्रशिक्षण हासिल किया।

शुरुआती दौर में कई चुनौतियां

सलमान ने शुरुआती दौर में कई चुनौतियों का सामना किया और दो बार खेल छोड़ने के बारे में भी सोचा, लेकिन प्रशिक्षकों के भरोसे ने उन्हें आगे बढ़ाया। 2023 में उन्हें टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (टॉप्स) में शामिल किया गया। इससे पहले 2024 एशियन रोइंग कप में स्वर्ण पदक जीतने के बाद उन्हें भारतीय सेना में नायब सूबेदार के पद पर पदोन्नति मिली।

सफर भी लगातार आगे बढ़ता रहा

सलमान का अंतरराष्ट्रीय सफर भी लगातार आगे बढ़ता रहा। उन्होंने 2025 में ऑस्ट्रेलियन रोइंग चैंपियनशिप में रजत व 2025 में एशियन रोइंग चैंपियनशिप में रजत पदक जीते। वह 2023 वर्ल्ड रोइंग कप और 2024 ब्रिक्स गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। इससे पहले भोपाल में हुई 42वीं सीनियर नेशनल रोइंग चैंपियनशिप-2025 में सलमान ने स्वर्ण पदक जीता, जबकि पुणे में हुई 43वीं सीनियर नेशनल रोइंग चैंपियनशिप में रजत पदक अपने नाम किया। राष्ट्रीय स्तर पर छह स्वर्ण और दो रजत पदक जीत चुके सलमान के एशियाई खेलों के कांस्य ने उनके खाते में एक और बड़ी उपलब्धि जोड़ दी है।

सतनाम का लगातार दूसरा एशियाड पदक

सलमान के जोड़ीदार सतनाम सिंह का भी एशियाई खेलों में यह लगातार दूसरा रोइंग पदक है। उन्होंने 2023 हांगझोऊ एशियाई खेलों में पुरुषों की क्वाड्रपल स्कल्स टीम के साथ कांस्य पदक जीता था। इस बार डबल स्कल्स में सलमान के साथ मिलकर उन्होंने फिर भारत को पोडियम तक पहुंचाया। सतनाम मूल रूप से पंजाब के मानसा जिले के रहने वाले हैं।

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