कर्मचारी पुरानी पेंशन योजना की बहाली और नई पेंशन स्कीम रद्द करने की मांग को लेकर 12 दिसंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में 'राष्ट्रीय आक्रोश रैली' करेंगे। अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ ने पेंशन अधिकारों पर हमले का आंदोलन से जवाब देने की चेतावनी दी है।

NOI  संवाददाता, लखनऊ। पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) को लेकर एक बार फिर कर्मचारी एकजुट हो रहे हैं। अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लांबा का कहना है कि कर्मचारियों के पेंशन अधिकारों पर हमला हुआ तो इसका जवाब आंदोलन से दिया जाएगा। 12 दिसंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली राष्ट्रीय आक्रोश रैली में कर्मचारी अपनी ताकत दिखाएंगे।

लांबा मंगलवार को लखनऊ के प्रेरणा सदन में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पेंशन लाभों की समीक्षा में राजकोषीय अनुशासन और देश की आर्थिक स्थिति को आधार बनाने से कर्मचारियों में चिंता है। पुरानी पेंशन कोई खैरात नहीं, बल्कि कर्मचारी के वेतन का स्थगित हिस्सा है।

सरकार आर्थिक स्थिति का हवाला देकर कर्मचारियों के अर्जित पेंशन अधिकारों को कमजोर करना चाहती है। कर्मचारी इस मंशा का एकजुट होकर विरोध करेंगे। उन्होंने कहा कि रैली में पुरानी पेंशन बहाली व नई पेंशन स्कीम रद करने की मांग प्रमुखता से उठाई जाएगी।

उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष कमल अग्रवाल ने कहा कि कर्मचारियों को जुलाई से देय महंगाई भत्ता (डीए) और दीपावली से पहले मिलने वाला बोनस अब तक नहीं मिला है। इससे कर्मचारियों में भारी रोष है।

महासंघ के महामंत्री अशोक कुमार सिंह ने आउटसोर्स कर्मियों के पारिश्रमिक में मामूली बढ़ोतरी को नाकाफी बताया। इस अवसर पर अखिल भारतीय राज्य सरकारी पेंशनर्स फेडरेशन के उपाध्यक्ष एसपी सिंह, रैली के प्रभारी एवं समन्वयक जेपी पांडेय, उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ के कोषाध्यक्ष राम भजन मौर्य और सह कोषाध्यक्ष एवं लखनऊ जनपद अध्यक्ष अफीफ सिद्दीकी आदि उपस्थित रहे।

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