कानपुर में गांधी जयंती पर व्यापारियों ने प्रस्तावित यूपीआई एमडीआर शुल्क के विरोध में 'नो यूपीआई डे' मनाया। बाजार बंद रहे और व्यापारियों ने डिजिटल भुगतान के बजाय केवल नकद लेनदेन करने का संकल्प लिया, साथ ही आंदोलन की चेतावनी दी।

NOI संवाददाता, कानपुर। यूपीआई लेनदेन पर प्रस्तावित एमडीआर शुल्क के विरोध में व्यापारी संगठनों ने शुक्रवार को 'नो यूपीआई डे' मनाया। बाजार बंद रहने के कारण व्यापारियों ने गांधी जयंती पर बापू की राह पर सत्याग्रह का बिगुल फूंका और 15 अक्टूबर तक विभिन्न चरणों में आंदोलन का एलान किया। व्यापारियों ने कहा कि अब डिजिटल भुगतान स्वीकार नहीं किए जाएंगे और केवल नकद में ही लेन-देन होगा।

कानपुर उद्योग व्यापार मंडल व युवा उद्योग व्यापार मंडल की ओर से फूलबाग में गांधी प्रतिमा के सामने प्रदर्शन किया गया। जिला महामंत्री कृपा शंकर त्रिवेदी के नेतृत्व में व्यापारियों ने स्लोगन लिखी पट्टियां लेकर नारेबाजी की।

त्रिवेदी ने कहा कि पहले सरकार ने डिजिटल लेनदेन को प्रोत्साहित किया और अब आदत पड़ने पर नया शुल्क थोपा जा रहा है। यदि प्रस्ताव वापस न हुआ तो 10 अक्टूबर को जिला मुख्यालय पर बड़ा प्रदर्शन होगा। यहां रामेश्वर गुप्ता लाला भैया, प्रदीप गुप्ता, चंद्र प्रकाश ओमर, सुरेश गुप्ता, महेंद्र गुप्ता, देवी खन्ना, सुशील गुप्ता, के बी सिंह, विराट गुप्ता, पवन दुबे, सत्य प्रकाश जायसवाल व पवन गुप्ता मौजूद रहे। उधर, भारतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल की ओर से सागर मार्केट, केनाल रोड पर 'व्यापारियों की आवाज सुनो सत्याग्रह' किया गया।

प्रदेश अध्यक्ष ज्ञानेश मिश्र, जिलाध्यक्ष विजय गुप्ता गोरे, जिला वरिष्ठ महामंत्री मनीष गुप्ता सलोने व प्रदेश मंत्री रोशन गुप्ता के नेतृत्व में व्यापारियों ने हाथों में पोस्टर लेकर नगाड़ा व डमरू बजाया। उन्होंने “यूपीआई पर एमडीआर शुल्क मंजूर नहीं” के नारे लगाए। ज्ञानेश मिश्र ने कहा कि त्योहारी सीजन में अतिरिक्त शुल्क से लागत बढ़ेगी और अनरजिस्टर्ड व्यापारियों को इनपुट टैक्स क्रेडिट भी नहीं मिलेगा। सुरेश सिंहवानी, सुशील तुली, संजय भदौरिया, आशीष मिश्र, मनोज गुप्ता कुक्कू, विनायक पोद्दार, मनोज विश्वकर्मा व अब्दुल वहीद उपस्थित रहे।

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