कानपुर के काकादेव में कारोबारी अमित कुमार गुप्ता की हत्या के मामले में प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष अवनीश दीक्षित का नाम सामने आया है। पुलिस द्वारा बयान दर्ज कराने के लिए भेजे गए नोटिस पर अवनीश ने बीमारी का हवाला दिया है, जबकि रिमांड पर लिए गए आरोपियों ने संजय ढाबा के बयानों को दोहराया है।

NOI  संवाददाता, कानपुर। काकादेव ओम चौराहे पर बीच सड़क पेशाब करने का विरोध करने पर कारोबारी अमित कुमार गुप्ता की पीटकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष अवनीश दीक्षित का भी नाम सामने आया। पुलिस ने बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस भेजा तो जवाब आया कि मैं बीमार हूं।

कारोबारी अमित कुमार गुप्ता की हत्या मामले में हिस्ट्रीशीटर हितेंद्र श्रीवास्तव, कुशल और अश्वनी ने कोर्ट में आत्म समर्पण कर दिया था, जबकि 56 मुकदमों का आरोपित हिस्ट्रीशीटर संजय ढाबा मुठभेड़ में गिरफ्तार किया गया था।

उसने पुलिस को बताया था कि प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष अवनीश दीक्षित को फोन कर गिरफ्तारी से बचने का तरीका पूछा था। उसने कहा कि खुद को निर्दोष बता अपना वीडियो बना प्रसारित करने की बात कही थी। इसके बाद पुलिस ने कुशल और हितेंद्र को शुक्रवार नौ घंटे रिमांड लिया तो उन दोनों ने भी संजय ढाबा के बयानों को दोहराया।

मामले में पुलिस ने अवनीश को बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस भेजा। इस पर अवनीश ने एक पेज के तीन पैरा छोड़ नीचे लिखा मैं बीमार है। उनके इस नोटिस में अब पुलिस जीडी में दर्ज कर ली गई। अब दोबारा नोटिस भेज रही है

प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष अवनीश दीक्षित का नाम आने के सवाल पर दोनों ने बताया कि साथी संजय ढाबा ने पुलिस से बचने के लिए फोन किया था। अवनीश ने ही कहा कि खुद को निर्दोष बता अपना वीडियो प्रचलित कर दो। उनको डर था कि पुलिस एनकाउंटर न कर दे।

वहीं, पुलिस ने पूछताछ के दौरान उनकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त डंडा व हाकी डबल पुलिया के पास डिवाइडर की झाड़ियों से बरामद किया। नौ घंटे पूरे होने पर शाम छह बजे दोनों का मेडिकल कराकर जेल भेज दिया गया।

काकादेव के नवीन नगर निवासी कारोबारी अमित गुप्ता पांच सितंबर की रात घर लौट रहे थे। ओम चौराहे के पास कार सवार चार युवकों में एक बीच सड़क पर पेशाब करने लगा। अमित ने उसे रोका तो चारों लोगों ने डंडे-हाकी से हमला किया और ईंट से सिर कुचलकर मरणासन्न कर दिया था। सात सितंबर को उनकी इलाज के दौरान मौत हो गई।

फुटेज के आधार पर पुलिस ने हत्यारोपितों की पहचान शास्त्री नगर निवासी हिस्ट्रीशीटर हितेंद्र श्रीवास्तव, बिठूर के हिस्ट्रीशीटर संजय चौहान उर्फ संजय ढाबा, विजय नगर के कुशल श्रीवास्तव व कल्याणपुर के अश्विनी यादव के रूप में की। हितेंद्र, कुशल व अश्विनी ने कोर्ट में आत्मसमर्पण किया था, जहां से उन्हें जेल भेजा गया।

पुलिस ने 56 मुकदमों के आरोपित हिस्ट्रीशीटर संजय ढाबा को मुठभेड़ में गिरफ्तार कर जेल भेजा था। कुछ दिन पहले ही पुलिस ने सभी आरोपितों के बयान जेल में जाकर दर्ज किए थे। सभी आरोपितों ने कहा था कि जरा सी कहासुनी हुई और गुस्सा में सब हो गया। मालूम नहीं था कि वह मर जाएंगे।

विवेचक काकादेव थाना प्रभारी धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि इसके बाद हितेंद्र और कुशल का कस्टडी रिमांड मांगा गया था। शुक्रवार सुबह नौ बजे से शाम छह बजे तक के लिए रिमांड की स्वीकृति मिली। पूछताछ में बताया कि कुशल उस रात सड़क पर पेशाब कर रहा था। कारोबारी के रोकने पर कुशल ने डंडा और हितेंद्र ने हाकी से वार कर दिया।

अश्वनी भी मारपीट कर रहा था। तभी संजय ढाबा ने ईंट से सिर पर कई वार कर कुचल दिया और सभी साथी भाग निकले। डीसीपी सेंट्रल ने उनके अवनीश दीक्षित से कनेक्शन के बारे में पूछा तो दोनों ने उसको जानने की बात से इन्कार किया, पर ये कहा कि वह संजय ढाबा का अच्छा दोस्त है। अवनीश के कहने पर वीडियो प्रचलित किया गया था।

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