Nana Patekar: नाना पाटेकर ने 14 अगस्त को लखनऊ के लोग भवन में "खाकी का सितारा" थीम सोंग की लॉन्चिंग पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ मंच साझा किया था।

NOI  डेस्क, लखनऊ : भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के मंझे कलाकार नाना पाटेकर का गुरुवार को गोवा में उनके आवास पर निधन हो गया। अस्सी के दशक की फिल्म अंकुश से अपनी अलग पहचान स्थापित करने वाले नाना पाटेकर ने लखनऊ में कई विज्ञापन के साथ फिल्म, वेब सीरीज और प्रमोशन फिल्मों में काम किया।

नाना पाटेकर हाल ही में एक विज्ञापन शूट के लिए लखनऊ आए थे। इससे पहले 2023 में प्रकाश झा की वेब सीरीज ‘संकल्प’ की शूटिंग के दौरान उन्होंने यहां कई लोगों के साथ समय बिताया था। उन्होंने हाल ही में सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ मंच साझा करते हुए उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था की तारीफ करते हुए कहा था कि हम कलाकार पर्दे पर पुलिस की भूमिका निभाते हैं, लेकिन असली पुलिसकर्मी के पास कोई रीटेक नहीं होता।

सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ मंच शेयर

नाना पाटेकर ने 14 अगस्त को लखनऊ के लोग भवन में "खाकी का सितारा" थीम सोंग की लॉन्चिंग पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ मंच साझा किया था। उत्तर प्रदेश पुलिस ने उन्हें मुख्य अतिथि के तौर पर बुलाया था। इसके बाद नाना ने उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था की तारीफ की थी। डीजीपी राजीव कृष्णा ने उनसे फिल्मों में पुलिस की छवि को बदलवाने का अनुरोध किया तो वो मुस्कुरा दिए।

यूपी के पॉलिसी की करते थे सरहाना

फिल्म बंधु के पूर्व निदेशक दिनेश सहगल ने बताया कि लखनऊ में ‘संकल्प’ की शूटिंग के दौरान नाना पाटेकर के साथ कई दौर की मुलाकातें हुई। इस दौरान फिल्म बंधु, सरकार और उत्तर प्रदेश की फिल्म नीति को लेकर लंबी बातचीत हुई. वो कहते थे कि यूपी जैसी फिल्म पॉलिसी कहीं नहीं देखी. उनका कहना था कि यहां फिल्म मेकर्स और प्रोड्यूसर्स को जिस तरह का सहयोग मिलता है, वो काफी खास है। नाना इस बात की भी सराहना करते थे कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुंबई जाकर फिल्म निर्माताओं और निर्देशकों से मुलाकात की और उन्हें यूपी में फिल्में बनाने के लिए आमंत्रित किया।

लखनऊ में यूपी पुलिस के लिए शूट

सहगल ने बताया कि नाना पाटेकर ने यूपी पुलिस की जनता को जागरूक करने वाले विज्ञापन में भी काम किया है। इसके लिए वह हाल ही में लखनऊ भी आए थे। जहां उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी मुलाकात की थी। नाना पाटेकर की सबसे बड़ी खासियत उनकी बेबाकी और स्पष्ट सोच थी। वह अभिनय को सिर्फ ग्लैमर की दुनिया नहीं मानते थे, बल्कि इसे जिम्मेदारी और कला के तौर पर देखते थे। उनकी फिल्मों में आम आदमी, समाज और मानवीय संवेदनाओं की गहरी झलक दिखाई देती थी।

नाना पाटेकर के प्रति बदल गई उनकी पूरी धारणा

वेब सीरीज संकल्प में नाना पाटेकर के साथ काम कर चुकी लखनऊ की सिमरन अवस्थी ने नम आंखों से नाना पाटेकर को श्रद्धांजलि देते हुए बताया कि फिल्म की शूटिंग के दौरान करीब 18-20 दिन तक नाना के साथ काम करने का मौका मिला। शूटिंग की शुरुआती दो-तीन दिनों में डर-डर कर उनके साथ काम किया, लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता गया वैसे-वैसे नाना का व्यवहार दिखने लगा। उसके बाद नाना पाटेकर के प्रति उनकी पूरी धारणा बदल गई। नाना का व्यवहार ऐसा था कि वो अपने साथ काम करने वाले कलाकारों का हाल-चाल पूछा करते थे।

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