उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का कार्यकाल सात वर्ष से अधिक हो गया है, जिससे राजनीतिक गलियारों में उनके भविष्य को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।

NOIब्यूरो, लखनऊ। सोमवार को दूसरे कई राज्यों में नये राज्यपाल की नियुक्ति के साथ ही एक बार फिर उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को लेकर राजनीतिक गलियारों में तमाम अटकलें लगाई जाने लगी।

चर्चा इस बात की ज्यादा हो रही है कि आनंदीबेन अगले वर्ष प्रदेश विधानसभा के होने वाले चुनाव तक रहेंगी या फिर चुनाव से पहले कोई दूसरा राज्यपाल प्रदेश को मिलेगा।

आनंदीबेन 29 जुलाई 2019 को प्रदेश की राज्यपाल बनी थी। गौर करने की बात यह है कि आनंदीबेन प्रदेश के इतिहास में सर्वाधिक सात वर्ष से भी अधिक समय से राज्यपाल बने रहने का रिकार्ड बना चुकी हैं।

वर्ष 1950 से अब तक के ज्यादातर राज्यपाल का अधिकतम कार्यकाल पांच वर्ष के आसपास ही रहा है। वैसे तो राज्यपाल के कार्यकाल की कोई अवधि नहीं तय है लेकिन सामान्य तौर पर पांच वर्ष के लिए ही राज्यपाल बनाए जाते रहे हैं।

संविधान के मुताबिक नया राज्यपाल बनाए जाने तक पहले वाला ,राज्यपाल की कुर्सी पर बना रहेगा। ऐसे में वर्ष 2024 में आनंदीबेन के पांच वर्ष गुजरने के बाद भी नया राज्यपाल न बनाए जाने से अब तक वह राज्यपाल बनी हुई हैं। हालांकि, आनंदीबेन के राज्यपाल बने रहने पर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है।

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