'अखिलेश बताएं घुसपैठियों से इतना प्रेम क्यों?' सीएम योगी का तंज- विरासत में गद्दी मिल सकती है... बुद्धि नहीं
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिठूर में महर्षि वाल्मीकि जयंती पर सपा और कांग्रेस पर तीखे हमले किए।
NOI संवाददाता, कानपुर। महर्षि वाल्मीकि जयंती पर बिठूर पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संबोधन में विकास के साथ राजनीतिक विपक्ष पर तीखे हमले भी केंद्र में रहे। उन्होंने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर तुष्टीकरण, परिवारवाद, अपराधियों को संरक्षण देने और धार्मिक-सांस्कृतिक विरासत की उपेक्षा करने का आरोप लगाया।
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विरासत में एक बार गद्दी मिल सकती है, लेकिन बुद्धि नहीं मिलती। बुद्धि के लिए प्रयास करना पड़ता है और जमीन पर उतरना पड़ता है।
योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर हमला बोलते हुए बांग्लादेशी और पाकिस्तानी घुसपैठियों के मुद्दे को उठाया। उन्होंने सवाल किया कि अखिलेश यादव को घुसपैठियों से इतना प्रेम क्यों है? मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि घुसपैठियों के कारण गरीबों और जरूरतमंदों के अधिकार प्रभावित होते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य पात्र लोगों तक राशन और अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।
सपा सरकार के कार्यकाल पर उठाए सवाल
मुख्यमंत्री ने वर्ष 2012 में प्रदेश में बनी समाजवादी पार्टी की सरकार के फैसलों का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि उस समय कई संस्थानों और जिलों के नाम बदलकर महापुरुषों के सम्मान से जुड़े नामों को हटाया गया। उन्होंने भदोही, कन्नौज और लखनऊ के संस्थानों का उदाहरण देते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने इन नामों को फिर से सम्मान देने का काम किया।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने अयोध्या में श्रीराम मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम और अन्य धार्मिक स्थलों के विकास के माध्यम से सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान देने का प्रयास किया है। मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि उसके शासनकाल में धार्मिक स्थलों और ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण को प्राथमिकता नहीं दी गई।
कानून-व्यवस्था को लेकर विपक्ष पर हमला
योगी आदित्यनाथ ने सपा सरकार के कार्यकाल में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाए। उन्होंने मुजफ्फरनगर की घटनाओं, मथुरा के जवाहर बाग प्रकरण और पुलिस अधिकारियों की हत्या का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि तत्कालीन सरकार में अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने में ढिलाई बरती गई।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में वर्ष 2017 से पहले व्यापारी, किसान और आम नागरिक सुरक्षा को लेकर चिंतित रहते थे। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि मौजूदा सरकार ने अपराध और अराजकता पर नियंत्रण के लिए कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में शांति और सुरक्षा का वातावरण बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने कानपुर की सांप्रदायिक हिंसा से जुड़ी ऐतिहासिक घटनाओं और पत्रकार गणेश शंकर विद्यार्थी के बलिदान का उल्लेख करते हुए कहा कि शहर की पहचान सामाजिक सौहार्द और राष्ट्रवादी परंपरा से जुड़ी है। उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधि राहुल बच्चा सोनकर के परिवार का संदर्भ देते हुए भी हिंसा के खिलाफ कड़ा संदेश दिया।
राम मंदिर और धार्मिक विरासत पर विपक्ष को घेरा
मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण का विरोध करने वाले दलों ने धार्मिक आस्था से जुड़े मुद्दों पर जनता की भावनाओं को समझने का प्रयास नहीं किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकारों ने अयोध्या के विकास और बुनियादी सुविधाओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में अयोध्या, काशी और प्रयागराज में बड़े स्तर पर विकास कार्य हुए हैं। बिठूर में महर्षि वाल्मीकि आश्रम, ब्रह्मावर्त घाट और अन्य धार्मिक स्थलों के विकास को भी इसी दिशा का हिस्सा बताया।
योगी ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि ने रामायण के माध्यम से भगवान श्रीराम के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाया। ऐसे महापुरुषों से जुड़े स्थलों का विकास करना सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
परिवारवाद और तुष्टीकरण का लगाया आरोप
मुख्यमंत्री ने सपा और कांग्रेस पर परिवारवाद की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में विकास, रोजगार, महिला सुरक्षा और गरीबों के कल्याण जैसे मुद्दों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। उनके अनुसार, भाजपा सरकार ने बिना भेदभाव के पात्र लोगों तक राशन, आवास, आयुष्मान भारत और उज्ज्वला जैसी योजनाओं का लाभ पहुंचाने का प्रयास किया है।
उन्होंने विपक्ष पर संवैधानिक संस्थाओं और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के सम्मान को लेकर भी सवाल उठाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी, डॉ. भीमराव आंबेडकर, सरदार वल्लभभाई पटेल और स्वतंत्रता संग्राम के अन्य नायकों के योगदान को याद रखना देश के प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।
बिठूर के विकास को बनाया राजनीतिक विमर्श का हिस्सा
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिठूर की धार्मिक और ऐतिहासिक पहचान को आगे बढ़ाने के लिए सरकार काम कर रही है। कार्यक्रम में करीब 411 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया। उपलब्ध कार्यक्रम विवरण के अनुसार, 29 परियोजनाओं का लोकार्पण और 19 का शिलान्यास किया गया।
उन्होंने कहा कि बिठूर में घाटों, महर्षि वाल्मीकि आश्रम और अन्य धार्मिक स्थलों का विकास पर्यटन को बढ़ावा देगा। सड़क संपर्क और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार से स्थानीय लोगों को भी लाभ मिलेगा।
अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने सपा और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश की जनता विकास, सुरक्षा और विरासत के सम्मान को प्राथमिकता देती है। उन्होंने कार्यकर्ताओं और नागरिकों से सामाजिक सौहार्द बनाए रखने तथा सरकार की योजनाओं को पात्र लोगों तक पहुंचाने में सहयोग करने की अपील की।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री राकेश सचान, राज्य मंत्री प्रतिभा शुक्ला, सांसद रमेश अवस्थी, बिठूर विधायक अभिजीत सिंह सांगा सहित कई जनप्रतिनिधि और भाजपा पदाधिकारी मौजूद रहे।
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