मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महर्षि वाल्मीकि जयंती पर बिठूर में 411 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने सपा और कांग्रेस पर जमकर हमला बोला, परिवारवाद, तुष्टीकरण और घुसपैठियों के समर्थन को लेकर सवाल उठाए।

NOI,  कानपुर। महर्षि वाल्मीकि जयंती पर सोमवार को बिठूर आश्रम में पूजन करने पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 411 करोड़ की विकास परियोजनाओं की सौगात देने के साथ ही सपा और कांग्रेस पर जमकर राजनीतिक हमला बोला। मुख्यमंत्री ने विपक्ष को तुष्टीकरण, परिवारवाद, अपराधियों के संरक्षण और महापुरुषों के अपमान के मुद्दे पर घेरा।

सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि, विरासत में गद्दी मिल सकती है, बुद्धि नहीं। बुद्धि के लिए प्रयास करना पड़ता है और जमीन पर उतरना पड़ता है। सपा-कांग्रेस के नेताओं को घुसपैठियों का समर्थक बताते हुए सवाल किया कि उन्हें घुसपैठियों से इतना प्रेम क्यों है? इसके साथ ही मथुरा के जवाहरबाग कांड, मुजफ्फरनगर दंगों का जिक्र करते हुए सपा के पुराने कार्यकाल पर उठाए सवाल उठाए।

महर्षि वाल्मीकि आश्रम पहुंचे थे सीएम योगी आदित्यनाथ

सोमवार सुबह करीब 11 बजे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बिठूर के महर्षि वाल्मीकि आश्रम पहुंचे। यहां पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा-अर्चना की। बिठूर विधायक अभिजीत सिंह सांगा के आवास पहुंचकर उनकी दिवंगत मां निर्मला सिंह के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। जनसभा स्थल नानाराव पार्क में प्रथम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी तात्या टोपे और नानाराव पेशवा की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर जनसभा को संबोधित किया।

बिठूर को पर्यटन का प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित हो रहा

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिठूर धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र है। महर्षि वाल्मीकि की तपोभूमि और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों से जुड़ी इस धरती को पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है।

सपा को बताया दंगा, भ्रष्टाचार व परिवारवाद की पार्टी

मुख्यमंत्री ने सीधे कहा कि सपा का मतलब दंगा, भ्रष्टाचार और परिवारवाद है। मथुरा के जवाहरबाग कांड का उल्लेख करते हुए कहा कि सपा के गुंडों ने एसपी मुकुल द्विवेदी और एसओ संतोष यादव की हत्या की थी। मुजफ्फरनगर दंगों का जिक्र कर उन्होंने सपा नेतृत्व पर हिंसा के समय निष्क्रिय रहने का आरोप लगाया।

सपा ने संस्थानों और जिलों के नाम बदले

कहा कि वर्ष 2012 में सत्ता में आने के बाद सपा सरकार ने महापुरुषों के नाम पर बने संस्थानों और जिलों के नाम बदले। उन्होंने संत रविदास नगर का नाम भदोही करने, कन्नौज के मेडिकल कालेज से डा. भीमराव आंबेडकर का नाम हटाने और लखनऊ में मान्यवर कांशीराम के नाम से जुड़े संस्थान का नाम बदला था, लेकिन भाजपा सरकार ने फिर महापुरुषों के नाम पर करके सम्मान दिया है।

कांग्रेस मानसिक रूप से दिवालिया हो चुकी

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वह मानसिक रूप से दिवालिया हो चुकी है और संवैधानिक संस्थाओं को कटघरे में खड़ा करती है। नागरिकता संशोधन कानून का उल्लेख करते हुए उन्होंने सपा-कांग्रेस पर इसका विरोध करने का आरोप लगाया।

जनता नकर चुकी है विपक्ष को

साथ ही कहा कि घुसपैठियों के कारण गरीबों, किसानों और युवाओं के अधिकार प्रभावित होते हैं। उन्होंने विपक्ष को चेतावनी देते हुए कहा कि जनता उसकी पुरानी करतूतों को देखकर उसे नकार चुकी है। कार्यक्रम में मंत्री राकेश सचान, प्रतिभा शुक्ला, सांसद रमेश अवस्थी, विधायक अभिजीत सिंह सांगा, राहुल बच्चा सोनकर मौजूद रहें।

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