श्री अयोध्या जी में हुआ विकास और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का नया सूर्योदय: सीएम योगी आदित्यनाथ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीपोत्सव को अयोध्या के सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक बताया। उन्होंने 2017 के बाद हुए विकास और रामनगरी के प्राचीन वैभव की वापसी पर प्रकाश डाला, साथ ही पिछली सरकारों पर निशाना साधा।
NOI डेस्क, लखनऊ/नई दिल्ली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2017 के पश्चात प्रारम्भ हुए दीपोत्सव को लेकर अपने भाव व उत्साह प्रदेशवासियों से साझा किए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' पर लिखा कि सप्तपुरियों में श्रेष्ठ श्री अयोध्या धाम अपने 10वें भव्य-दिव्य दीपोत्सव के स्वागत में पुलकित है।
सनातन संस्कृति के गौरव का उद्घोष करेगी हर लौ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीपोत्सव का वर्णन करते हुए लिखा कि लाखों दीपों की अलौकिक आभा से जगमगाते सरयू तट, रामायण के प्रसंगों को जीवंत करती मनोहारी झांकियां, भव्य शोभायात्राएं और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां इस महोत्सव में त्रेतायुग की स्मृतियों को फिर से जीवंत करेंगी। हर दीप प्रभु श्री राम के प्रति अगाध श्रद्धा का प्रतीक होगा और हर लौ हमारी सनातन संस्कृति के गौरव का उद्घोष करेगी।
2017 से पहले उपेक्षा, अव्यवस्था और बदहाली का दंश झेल रही थी प्रभु श्री राम की प्राणप्रिय नगरी
मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकार पर प्रहार किया, बताया- वर्ष 2017 से पहले प्रभु श्री राम की प्राणप्रिय नगरी अयोध्या जी उपेक्षा, अव्यवस्था और बदहाली का दंश झेल रही थीं। निर्दोष रामभक्तों पर गोलियां चलवाने वाली और पवित्र श्री हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़वाने का पाप करने वाली सरकार को 'राम की अयोध्या' के विकास से क्या मतलब?
आस्था और आधुनिकता की अद्भुत संगम स्थली बन चुकी है अयोध्या
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभु श्री राम की कृपा से वर्ष 2017 के बाद श्री अयोध्या जी में विकास और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का नया सूर्योदय हुआ। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में डबल इंजन सरकार के प्रयासों से रामनगरी अपने प्राचीन वैभव को पुनः प्राप्त कर रही है। भव्य-दिव्य श्री राम मंदिर, महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, सुसज्जित रामपथ, नव्य घाट, आधुनिक सुविधाएं और सोलर सिटी के रूप में विकसित होती अयोध्या आज आस्था और आधुनिकता की अद्भुत संगम स्थली बन चुकी है।
दीपोत्सव में दिखाई देती है श्री राम नगरी के पुनर्वैभव की सबसे मनोहारी अभिव्यक्ति
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री राम नगरी के इस पुनर्वैभव की सबसे मनोहारी अभिव्यक्ति दीपोत्सव में दिखाई देती है। वर्ष 2017 में 1.71 लाख दीपों से प्रारंभ हुई दीपोत्सव की यात्रा आज देश-दुनिया के करोड़ों रामभक्तों की श्रद्धा और उत्साह का प्रतीक बन चुकी है। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी रामभक्त दीप प्रज्ज्वलन का विश्व कीर्तिमान बनाने को तैयार हैं। यह दीपोत्सव उन पीढ़ियों के स्वप्नों का उजास है, जिन्होंने सदियों तक अपने राम की अयोध्या को त्रेतायुगीन स्वरूप में देखने की अभिलाषा संजोए रखी। आज इसका हर दीप तुष्टीकरण के अंधकार पर आस्था की विजय, सांस्कृतिक स्वाभिमान के उदय और विकसित भारत के निर्माण का संकल्प बनकर प्रज्वलित हो रहा है।
Leave a Comment
Login with your mobile number to post a comment. New here? Create your account using OTP verification.
Login to Your Account
OTP verification is required for login and registration.
LIVE अपडेट
राज्य
Stay Connected
Get Newsletter
Subscribe to our newsletter to get latest news, popular news and exclusive updates.






0 Comments
No comments yet. Be the first to share your thoughts!