बॉलीवुड निर्देशक डेविड धवन को आज भी कानपुर से गहरा लगाव है, जहां उनकी परवरिश और शिक्षा हुई। मुंबई में जागरण फिल्म फेस्टिवल में सम्मानित होने पर उन्होंने कहा कि जागरण और उनमें एक समानता है कि दोनों कानपुर के हैं, और कानपुर का प्रभाव उनकी फिल्मों में झलकता है।

NOI  संवाददाता, कानपुर।  बालीवुड फिल्मों के जरिये हंसाना सिखाने वाले डेविड धवन का दिल आज भी कानपुर में ही बसता है। वर्ष 1995 से वर्ष 1998 के बीच गोविंदा की ''''कुली नंबर वन'''', ''''हीरो नंबर वन'''', ''''बड़े मियां छोटे मियां'''' जैसी सुपरहिट फिल्में देने वाले डेविड धवन भले ही मुंबई में रहते हों, पर उनकी परवरिश, पढ़ाई और पहला सपना सब कानपुर से ही जुड़ा है।

आज भी वो जब भी बड़े मंच पर होते हैं तो उनका कनपुरियापन व कानपुर से जुड़ी यादें उनकी जुबान पर आ ही जाती है। एक नवंबर को मुंबई में आयोजित देश के सबसे बड़े घुमंतू जागरण फिल्म फेस्टिवल (जेएफएफ) के समापन समारोह में आइकन आफ इंडियन सिनेमा का अवार्ड से सम्मानित फिल्म निर्देशक डेविड धवन ने कहा कि जागरण और मुझमें एक चीज की समानता है कि हम दोनों कानपुर के हैं। अगर मेरी तबीयत ठीक रही तो मैं एक और फिल्म बनाऊंगा।

डेविड धवन का जन्म 16 अगस्त 1951 को त्रिपुरा के अगरतला में एक पंजाबी परिवार में हुआ था। उनका बचपन का नाम राजिंदर धवन था। पिता यूको बैंक में मैनेजर थे। ट्रांसफर के बाद पूरा परिवार कानपुर आ गया। यहीं सिविल लाइंस के आसपास उनका बचपन बीता। डेविड धवन ने बीएनएसडी इंटर कालेज, चुन्नीगंज से 12वीं की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद क्राइस्ट चर्च कालेज, मालरोड से स्नातक किया।

फिल्मों का शौक उन्हें बचपन से ही था। मिल की सीटी बजते ही सिनेमा हाल की तरफ भाग जाना, यही उनकी दिनचर्या थी। अभिनेता बनने का सपना लेकर पुणे के फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (एफटीआइआइ) चले गए।

लाइन प्रोड्यूसर रिजवान अख्तर बताते हैं कि बालीवुड स्टार वरुण धवन को कानपुर से लगाव है। ऐसा इसलिए कह सकते हैं कि मैथाडिस्ट स्कूल, कैंट व आनंदबाग चौराहा पर फिल्म बवाल की शूटिंग के दौरान उन्होंने पिता डेविड धवन वाले अंदाज को करीब से महसूस किया। इस बात को वरुण भी स्वीकारते हैं कि पिता पक्के कनपुरिया हैं। वो हमेशा कहते हैं अपने अंदाज में थोड़ा कानपुर लेकर आओ। उनकी फिल्मों में जो राब और टाइमिंग है, वो कानपुर की है।

रिजवान बताते हैं वो बालीवुड की दुनिया से लंबे समय से जुड़े हैं। डेविड धवन की फिल्मों में जो नान-स्टॉप डायलागबाजी और स्ट्रीट स्मार्ट ह्यूमर है, उसमें कानपुर की ही झलक है। डेविड धवन 46 फिल्में डायरेक्ट कर चुके हैं। बेटे वरुण धवन बॉलीवुड स्टार हैं, पर कानपुर से उनका नाता आज भी वैसा ही है।

0 Comments

No comments yet. Be the first to share your thoughts!

Leave a Comment

Login with your mobile number to post a comment. New here? Create your account using OTP verification.

Get Newsletter

Advertisement