नई दिल्ली, NOI : हमारे दैनिक जीवन में नए इनोवेशन (नवाचार) को लेकर हर रोज के समस्या और समाधान कुछ आकर्षक परिणाम लेकर आते हैं। यदि हम उबेर के केस का जिक्र करें, जो परिवहन जगत में कम लागत की महत्‍ता को लेकर अस्तित्व में आया। वहीं मनोरंजन की दुनिया का लोकप्रिय नाम नेटफ्लिक्स दो दशक पहले किराये पर डीवीडी उपलब्‍ध कराता था। ऐसी कंपनियों की सूची काफी लंबी है। यह तो तय है कि जब तक समस्याओं के समाधान पर काम होते रहेंगे तब तक इनोवेशन जारी रहेगा। 

यहां चौकाने वाली बात है कि निवेश की दुनिया में निवेशक की सांसारिक दिक्‍कतों को समझदारी से हल करने के लिए विशेष समाधान नहीं है। उदाहरण के तौर पर शेयर बाजारों की वर्तमान स्थिति को ही लें। यूक्रेन युद्ध ने दुनिया भर के शेयर बाजारों को एक चक्‍कर में डाल दिया है। ऐसे में, बाजार में गिरावट देख नए और अनुभवी दोनों ही निवेशकों को एक ही सवाल से दो-चार होना होता है कि क्या मुझे निवेश करना चाहिए? यूक्रेन में युद्ध हो या न हो, लेकिन निवेशकों की चुनौतियां शांति काल में भी जस की तस रहती है कि इन्‍वेस्‍ट कहां, कब और कितना करें। वे लगातार जवाब तलाशते हैं कि आखिर निवेश कहां करें? कितना निवेश करें? यदि बाजार में तेजी हो या निवेश बना है तो क्या उन्हें प्रोफिट पर ध्‍यान देना चाहिए?

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समाधान की तलाश

यह स्पष्ट है कि जब विकल्प की बात हो तो अधिकतर लोग ऐसे निवेश के विकल्प को चुनते हैं जिसमें न्यूनतम जोखिम पर अधिकतम रिटर्न मिलता हो। 1952 में हेनरी मार्कोविट्ज़ द्वारा इसकी शुरुआत के बाद से, मॉडर्न पोर्टफोलियो थ्योरी (एमपीटी) सफल निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण टूल बन गया है।

एमपीटी की दो धारणाएं हैं : 

पहली :- भविष्य के निवेश प्रतिफल का पूर्वानुमान लगाना कठिन है; ऐसे में निवेशकों को आगामी प्रदर्शन का अनुमान लगाने के लिए ऐतिहासिक डेटा (रिटर्न) पर गौर करना चाहिए। 

दूसरी :- आपको पोर्टफोलियो में संपत्तियों को अलग-अलग नहीं देखना चाहिए क्योंकि हर एसेट्स क्‍लास में इन्‍वेस्‍टमेंट का विशेष समय पर अलग प्रदर्शन नजर आता है। 

ऐसे में जब आप एक पूरे पोर्टफोलियो को देखते हैं, तो आप विभिन्न मार्गों का चयन कर सकते हैं, जिनका प्रदर्शन हर विकल्प में मौजूद जोखिम को संतुलित करने से संबंधित नहीं होता है।

वर्षों से रिफाइंड, एक सफल इंवेस्‍टमेंट की रणनीति संपत्ति आवंटन, विविधीकरण और पुनर्संतुलन के बारे में है। ‘ईटी मनी जीनियस’ निवेशकों की समस्याओं का समाधान है, जो परिसंपत्ति आवंटन, विविधीकरण और पुनर्संतुलन की जरूरतों पर गौर करता है। वहीं निवेशकों को जोखिम के प्रति उनकी सहनशीलता को समझने में मदद भी करता है। यह एक खास नवाचार है जो निवेशकों की महत्वपूर्ण और जरूरी चिंताओं का निवारण करता है। ‘ईटी मनी जीनियस’ के जरिए निवेशकों को संपत्ति, इक्विटी (घरेलू और विदेशी), ऋण और गोल्‍ड का विकल्प मिलता है। प्रत्येक वर्ग के अंदर विविधीकरण की गुंजाइश मिलती है।

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शानदार फायदा 

गौरतलब है कि  ‘ईटी मनी जीनियस’ निवेशकों को उपयुक्त पोर्टफोलियो चुनने हेतु समझदारी से मार्गदर्शन करता है। उसके बाद मुद्रास्फीति, ब्याज दर, मूल्यांकन और अन्य पहलुओं के प्रभाव पर गौर करते हुए निवेशकों को कैसे अपने पोर्टफोलियों को रीबैलेंस करना चाहिए हर माह बताता है। यह समाधान के तौर पर मंथली ऑटोमेटिक रीबैलेंसिंग के साथ बैकग्राउंड में भी काम करता है। परिणाम स्‍वरूप, आपके इन्‍वेस्‍टमेंट बाजार की हलचल और शोर के बावजूद निवेश को बाजार से बेहतर प्रदर्शन और शीर्ष पोर्टफोलियो को चुनौती देने के लिए तैयार किया जाता है।

समय के साथ आपके निवेश में वृद्धि होती है और निवेश करने को लेकर आत्मविश्वास भी बढ़ता है। आप अगले मल्टी-बैगर की तलाश करना बंद कर दें, क्योंकि ‘ईटी मनी जीनियस’ द्वारा सुझाए पोर्टफोलियो में आपका निवेश शानदार ही होता है। यह आपकी निवेश की धारणा को बदल सकता है, जिससे आप अपने अधिकतम बचत को निवेश में बदलने पर विचार करते हैं। आवंटन और पुनर्संतुलन के साथ एक डायनेमिक पोर्टफोलियो बनाकर, बाजार और अर्थव्यवस्था पर नजरें बनाए रखता है। 

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दशकों से यूक्रेन जैसी ढेरों अन्‍य घटनाएं और कारक शेयर बाजारों को प्रभावित करते रहे हैं। लेकिन, इसके बावजूद ‘ईटी मनी जीनियस’ का मॉडल बेहतर सुझाव गए शानदार पोर्टफोलियो के दम पर निवेशकों के लिए सफलता के राह खोलता है। आप एक-एक पैसे को कड़ी मेहनत से कमाते हैं, ऐसे में आपका पैसा ‘ईटी मनी जीनियस’ के साथ शानदार निवेश के तौर पर बेहतर विकल्‍प साबित होता है।

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