मेरठ NOI :  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिला पंचायत अध्यक्ष गौरव चौधरी को पत्र भेजा है। इसमें मुख्यमंत्री ने बधाई देने के साथ ही बेहतर कार्य की नसीहत भी दी है। लिखा है कि यह बड़ी जिम्मेदारी है। इसलिए जिला पंचायत व जिले में उपलब्ध संसाधनों का उपयोग करते हुए बेहतर कार्य करें। पूरे प्रदेश की जिला पंचायत को 2500 करोड़ रुपये दिए जा रहे हैं इसलिए अवस्थापना सुविधाओं का विकास हो। स्वच्छता, पेयजल एवं स्ट्रीट लाइट के साथ उच्च गुणवत्ता की सुविधाएं भी उपलब्ध हों। हाटमिक्स प्लांट से बेहतर सड़कों का निर्माण करें। मुख्यमंत्री ने लिखा कि जिला पंचायत स्वायत्तशासी संस्था है, मगर पूर्ण स्वायत्तता के लिए आर्थिक रूप से स्वावलंबी होना आवश्यक है। इसके लिए जिला पंचायत की आय के स्नोत बढ़ाए जाएं।

जिला पंचायत के पास कितनी होती है धनराशि: जिला पंचायत को प्रति वर्ष केंद्र व प्रदेश सरकार के मदों को मिलाकर करीब 28 करोड़ रुपये मिलते हैं। करीब चार करोड़ रुपये की विभिन्न स्नोतों से आय होती है। करीब चार करोड़ रुपये ही वेतन आदि में खर्च हो जाते हैं। इस तरह से कार्य करने के लिए 28-30 करोड़ रुपये ही विकास कार्य के लिए होते हैं।


शिक्षकों ने जिपं अध्यक्ष से लगाई सुविधाओं की गुहार

शिक्षकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला पंचायत अध्यक्ष से मुलाकात कर समस्याओं से अवगत कराया। बताया कि राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के अंतर्गत संचालित माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को तीन-तीन महीने बाद वेतन मिलता है। ग्रामीण क्षेत्र के अधिकतर विद्यालयों में खेल का मैदान नहीं है, जिससे वहां के बच्चों का शारीरिक विकास नहीं हो पा रहा है। विद्यालयों मे स्वच्छ जल की व्यवस्था कराना, ग्रामीण क्षेत्र के विधालय के पास से गंदगी के ढेर को हटवाने आदि मांगें भी रखीं। जिला पंचायत अध्यक्ष गौरव मलिक ने यथासंभव समस्याओं का निस्तारण का आश्वासन दिया। शिक्षक प्रतिनिधि में डा. जितेंद्र बालियान, चौधरी अनिल कुमार, प्रशांत चौधरी और संजीव बालियान आदि रहे। 

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