नई दिल्ली, NOI : Digital Currency: आरबीआई ने मंगलवार से भारत की डिजिटल करेंसी का पायलट प्रोग्राम शुरू किया है। चुनिंदा बैंकों को द्वितीयक बाजार के लेन-देन में इसका इस्तेमाल करने की अनुमति मिल गई है। पहले दिन बैंकों ने करेंसी के डिजिटल रूप का उपयोग करते हुए 275 करोड़ का कारोबार किया। खबर है कि आरबीआई ई-रुपये के रिटेल पार्ट का ट्रायल इसी महीने शुरू कर सकता है।

आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने बुधवार को कहा कि हमने सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) परियोजना का परीक्षण शुरू कर दिया है। जहां तक ​​अर्थव्यवस्था का संबंध है, यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। रिजर्व बैंक दुनिया के उन केंद्रीय बैंकों में से एक है, जिन्होंने यह पहल की है।

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महंगाई पर लगातार बनी है नजर


शक्तिकांत दास ने कहा है कि भारतीय अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है। यह अपने व्यापक आर्थिक बुनियादी सिद्धांतों और बफर स्टॉक से ताकत हासिल कर रही है। आईएमएफ के अनुसार, भारत सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। जहां तक महंगाई का सवाल है, हम मुद्रास्फीति की निगरानी कर रहे हैं। आरबीआई गवर्नर ने कहा कि मुद्रास्फीति पर 'अर्जुन की आंख' की तरह नजर बनी हुई है।

समय पर एक्शन लेगा आरबीआई


बैंकरों के वार्षिक FIBAC सम्मेलन को संबोधित करते हुए दास ने कहा कि मुद्रास्फीति पर समय से पहले कार्रवाई करने से अर्थव्यवस्था और आम नागरिकों को भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है। दास ने कहा कि आरबीआई ने हड़बड़ी नहीं की है आधार दरों में समय से पहले वृद्धि से बचते हुए अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का फैसला किया।

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आपको बता दें कि भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) गुरुवार को एक विशेष बैठक में मुद्रास्फीति को काबू में न कर पाने के कारणों पर चर्चा करेगी। उसे सरकार को इसका जवाब भी देना होगा। केंद्रीय बैंक का लक्ष्य महंगाई दर को 2 से 6 प्रतिशत के भीतर रखना है।

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