नई दिल्ली, NOI :- Health Tips: जैसे-जैसे दिसंबर का महीना बीत रहा है, वैसे-वैसे ही ठंड का प्रकोप भी बढ़ता जा रहा है। इन दिनों दिल्ली समेत देश के कई हिस्सों में सर्दी का कहर देखने को मिल रहा है। शीतलहर और घने कोहरे में सभी की परेशानियां बढ़ा दी हैं। कड़ाके की इस ठंड से अब आधा देश जमने लगा है। ऐसे में हर कोई कंबल में रहना पसंद करता है। दिनभर गर्म कपड़ों की रहने के बाद रात को सोते वक्त लोग कंबल की मदद से खुद को ठंड से बचाने की कोशिश करते हैं। वहीं, कई लोग ऐसे भी होते हैं, जो ठंड से बचने के लिए कंबल से अपना मुंह ढंककर सोते हैं। लेकिन ऐसा करना आपके स्वास्थ्य के लिए काफी हानिकारक होता है। अगर आप भी इस आदत के शिकार हैं, तो इससे होने वाले नुकसान के बारे में जरूर जान लें।

ब्लड सर्कुलेशन होता है प्रभावित


अगर आप सर्दियों में अपना मुंह ढंककर सोते हैं, तो इससे आपके ब्लड सर्कुलेशन पर असर पड़ता है। दरअसल, इस तरह सोने से आपको ताजी ऑक्सीजन नहीं मिल पाती है, जिसकी वजह से आप बार-बार कंबल के अंदर मौजूद ऑक्सीजन का ही इस्तेमाल करते हैं। कुछ समय बाद कंबल में ऑक्सीजन की कमी होने लगती है, जिसकी वजह से अशुद्ध हवा हमारी सांस में जाने लगती है। इस वजह से हमारे शरीर के सभी अंगों तक सही तरीके से ब्लड सर्कुलेशन नहीं हो पाता।

फेफड़ों पर होता है बुरा असर


रात के समय पूरा शरीर ढंककर सोने से सबसे ज्यादा असर आपके फेफड़ों पर पड़ता है। रोजाना इसी तरह से सोने की वजह से फेफड़ों में गैस एक्सचेंज का काम सही तरीके से नहीं हो पाता है, जिसकी वजह से वह सिकुड़ने लगते हैं। ऐसे में आपको अस्थमा, सुस्ती, डिमेंशिया, सिर दर्द आदि की शिकायत हो सकती है। अगर आप पहले से ही अस्थमा के मरीज हैं, तो ऐसा करना आपके लिए खतरनाक साबित हो सकता है।

नींद में पड़ सकता है खलल


मुंह ढंककर सोने से अक्सर आपको सफोकेशन होने लगती है। दरअसल, ज्यादातर लोग मच्छर भगाने के लिए अगरबत्ती या लिक्विड क्वॉयल का इस्तेमाल करते हैं। इसकी वजह से पूरे कमरे में धुंआ फैल जाता है और ठंड के समय में खिड़की-दरवाजे बंद होने की वजह से सही तरीके से वेंटिलेशन नहीं हो पाता है। ऐसे में आपको घुटन महसूस होने लगती है, जो आपकी नींद में खलल डाल सकती है।

स्किन अलर्जी का खतरा


मुंह ढंककर सोने से आपको शुद्ध हवा नहीं मिल पाती है, जिसकी वजह से आसपास डस्ट पार्टिकल्स बढ़ जाते हैं। इसकी वजह से त्वचा पर प्रभाव पड़ने लगता है, जिससे आपको रैशेज होने लगते हैं। ऐसे में नियमित रूप से मुंह ढंककर सोने से स्किन अलर्जी की संभावना भी काफी बढ़ जाती है।

मिर्गी रोगी रहे सावधान


मुंह ढंककर सोने से हमें पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन नहीं मिल पाती है। ऐसे में ऑक्सीजन की कमी से सामान्य व्यक्ति को तो परेशानी होती है, लेकिन मिर्गी के मरीज के लिए यह काफी खतरनाक हो सकता है। मुंह ढंककर सोने से मिर्गी रोगियों की परेशानी बढ़ जाती है।

Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।

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