NOI संवाददाता, कानपुर। कानपुर की तरफ चमोली से खतरा बढ़ रहा है। चार में दिन गंगा नदी का जलस्तर बढ़ जाएगा, ऐसे में गंगा बैराज के सभी 30 गेट खोल दिए गए हैं। गंगा किनारे के गांवों को अलर्ट कर दिया गया है।

उत्तराखंड में स्थित चमोली में बादल फटने का असर शहर पर भी पड़ेगा। चमोली से गंगा के माध्यम हरिद्वार होते हुए बिजनौर, नरोरा बांध होते हुए चार दिन में गंगा में बढ़ा जल आएग। इसको लेकर सिंचाई विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। पहले ही बैराज से सभी 30 गेट खोले गए है। इन गेटों का शटर और बढ़ा दिया गया है, ताकि तेजी से आगे छोड़ा जा सके।

गंगा का जलस्तर 24 घंटे में और आठ सेंटीमीटर बढ़ गया है। शुक्लागंज में गंगा का जलस्तर 112.8 मीटर पहुंच गया। चेतावनी बिंदु 113 मीटर से सिर्फ 92 सेंटीमीटर दूर है। चमोली से और आ रहे गंगा जल को लेकर गंगा के किनारे के गांवों में सतर्कता बढ़ दी गई है।

सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता पंकज गौतम ने बताया कि चमोली में बादल फटा है। इससे गंगा में जल और बढ़ेगा। नरोरा से होते हुए चार दिन में शहर में बढ़ा जल पहुंचेगा। पहले ही नरोरा बांध से गंगा जल 1,24,173 क्यूसेक छोड़ा जा रहा है। इसके लेकर घाटों में पहले ही बैरीकेड्स और रस्सी बांध दी गई है।

बैराज से सभी 30 गेट खुले है। इनका शटर और खोल दिया जाएगा। गंगा जल पर लगातर नजर रखी जा रही है। गंगा के किनारे स्थित गांवों में रहने वाले ग्रामीणों से जिला प्रशासन लगातार संपर्क बनाए है। सोमवार को शुक्लागंज का जलस्तर 112 मीटर था जो मंगलवार को 112.08 मीटर हो गया है। नरोरा बांध से गंगा जल 1,24,173 क्यूसेक छोड़ा गया है। बैराज से शुक्लागंज की तरफ गंगा जल 2.73,981 क्यूसेक छोड़ा गया है।

0 Comments

Leave A Comment

Don’t worry ! Your email address will not be published. Required fields are marked (*).

Get Newsletter

Advertisement