NOI संवाददाता, कानपुर। आगरा में तैनाती के दौरान एक डॉक्टर को अपहर्ताओं के चंगुल से छुड़ाने व डकैतों को मुठभेड़ में ढेर करने वाले आईपीएस अधिकारी सत्यजीत गुप्ता को स्वतंत्रता दिवस पर गैलेंट्री अवार्ड से सम्मानित किया गया। वह वर्तमान में डीसीपी पूर्वी के पद पर हैं।

वहीं, डीसीपी मुख्यालय दिनेश त्रिपाठी को उत्कृष्ट सेवा कार्यों के लिए गृह मंत्रालय से सराहनीय सेवा पदक व दो इंस्पेक्टर समेत पांच पुलिसकर्मियों को सराहनीय चिह्न से सम्मानित किया गया।

पांच करोड़ की फिरौती का मामला

आगरा के ट्रांस यमुना कालोनी निवासी डाॅ. उमाकांत गुप्ता का 13 जुलाई 2021 की शाम अपहरण हो गया था। डॉक्टर के घर के पांच करोड़ रुपये की फिरौती का पत्र मिला।

आईपीएस सत्यजीत गुप्ता की टीम ने एक बदमाश पवन व उसकी सहयोगी युवती मंगला पाटीदार उर्फ संध्या को पकड़कर पूछताछ की, जिसके बाद टीम ने 48 घंटे के भीतर डॉक्टर को चंबल से सकुशल बरामद कर लिया। इस डॉक्टर का अपहरण कर फिरौती मांगने के मामले में डकैत केशव गुर्जर के गुर्गे बदन सिंह का नाम सामने आया था।

22 जुलाई 2021 को राजस्थान धौलपुर कछपुरा के जंगलों में उसके छिपे होने की सूचना पर तत्कालीन एसएसपी मुनिराज, आईपीएस सत्यजीत गुप्ता समेत टीम ने बदन सिंह व अक्षय की मुठभेड़ हो गई।

बदमाशों ने फायरिंग की तो दोनों अधिकारियों के सीने में गोली लगी, लेकिन उन्होंने बुलेट प्रूफ जैकेट पहन रखी थी, जिससे वह बच गए।

जवाबी फायरिंग में बदन सिंह को तीन और अक्षय को चार गोली लगीं और उनकी मौत हो गई। वीरता से डकैतों का सामना करने पर सत्यजीत गुप्ता को गैलेंट्री अवार्ड से सम्मानित किया जा रहा है।

वहीं, डीसीपी मुख्यालय आईपीएस दिनेश त्रिपाठी को सराहनीय सेवा पदक, डीसीपी यातायात कार्यालय में तैनात इंस्पेक्टर संतोष कुमार शुक्ला, डीजी सीआईडी के यहां संबद्ध इंस्पेक्टर प्रेम सिंह विष्ट, एसआई धर्मेंद्र पाल सिंह, परिवहन शाखा में तैनात में हेड कांस्टेबल अनिल कुमार व हेड कांस्टेबल उमा शंकर को सराहनीय सेवा चिह्न से सम्मानित किया गया।

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