करीब दो दशक से हीरालाल रामनिवास इंटर कॉलेज में दे रहे सेवाएं, विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने में निभाई महत्वपूर्ण भूमिका

NOI डेस्क | सन्त कबीर नगर शिक्षा, विज्ञान और नवाचार के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए हीरालाल रामनिवास इंटर कॉलेज, खलीलाबाद के भौतिक विज्ञान प्रवक्ता डॉ. अभिषेक कुमार सिंह को राज्य शिक्षक पुरस्कार-2025 से सम्मानित किया गया। शिक्षक दिवस के अवसर पर 05 सितंबर को योगीराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह, गोरखपुर में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डॉ. अभिषेक सिंह को यह सम्मान प्रदान किया।
राज्य स्तर पर मिला यह सम्मान डॉ. अभिषेक सिंह की लगभग दो दशक लंबी शिक्षकीय यात्रा की महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से जारी चयन सूची में संतकबीरनगर से राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए डॉ. अभिषेक कुमार सिंह का चयन किया गया था।

2006 से शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय

डॉ. अभिषेक कुमार सिंह 01 सितंबर 2006 से हीरालाल रामनिवास इंटर कॉलेज में भौतिक विज्ञान के प्रवक्ता के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। लगभग दो दशकों की इस यात्रा में उनका कार्य केवल कक्षा में पाठ्यक्रम पूरा कराने तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, जिज्ञासा, नवाचार, अनुसंधान और समस्या-समाधान की क्षमता विकसित करने को शिक्षण का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया।

भौतिक विज्ञान जैसे विषय को विद्यार्थियों के लिए प्रयोगात्मक और रुचिकर बनाने के साथ-साथ उन्होंने उन्हें विज्ञान एवं नवाचार से जुड़ी विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए लगातार प्रेरित किया। सार्वजनिक रिपोर्टों में भी उनके इसी योगदान को राज्य शिक्षक पुरस्कार के चयन का प्रमुख आधार बताया गया है।

अटल टिंकरिंग लैब के माध्यम से नवाचार को बढ़ावा

डॉ. अभिषेक सिंह विद्यालय की अटल टिंकरिंग लैब से भी लंबे समय से जुड़े रहे हैं। वर्ष 2017 से लैब के प्रभारी के रूप में उन्होंने विद्यार्थियों को नई तकनीकों, प्रयोगों और नवाचार आधारित परियोजनाओं के लिए प्रोत्साहित किया।
उनके मार्गदर्शन में विद्यालय के विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय स्तर की इनोवेशन प्रतियोगिताओं में 12 से अधिक बार भागीदारी की है। यह उपलब्धि इस बात को दर्शाती है कि विद्यालय में विज्ञान शिक्षा को केवल किताबों तक सीमित रखने के बजाय विद्यार्थियों को प्रयोग और नवाचार के माध्यम से सीखने के अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।

स्थानीय स्तर पर आयोजित विज्ञान गतिविधियों में भी उनकी सक्रिय भूमिका रही है। हाल ही में हीरालाल रामनिवास इंटर कॉलेज में आयोजित जनपद स्तरीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी में डॉ. अभिषेक कुमार सिंह संयोजक की भूमिका में रहे, जहां विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने कार्यशील और अकार्यशील मॉडल प्रस्तुत किए।

विद्यार्थियों की प्रतिभा को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने का प्रयास

डॉ. अभिषेक सिंह के शिक्षकीय कार्य का एक महत्वपूर्ण पक्ष विद्यार्थियों की प्रतिभा को पहचानना और उन्हें बेहतर मंच उपलब्ध कराना रहा है। उनके मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ विज्ञान, नवाचार और विभिन्न प्रतियोगिताओं में भी उपलब्धियां हासिल की हैं।

उनका मानना रहा है कि प्रत्येक विद्यार्थी में प्रतिभा होती है, जरूरत केवल उसे सही दिशा, अवसर और मार्गदर्शन देने की है। इसी सोच के साथ उन्होंने विद्यार्थियों को मॉडल निर्माण, वैज्ञानिक परियोजनाओं, नवाचार प्रतियोगिताओं और शोधपरक गतिविधियों से जोड़ने पर जोर दिया।

कक्षा से बाहर भी शिक्षा के प्रति जिम्मेदारी

डॉ. अभिषेक सिंह का योगदान केवल नियमित शिक्षण तक सीमित नहीं रहा। विज्ञान गतिविधियों, बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी, नवाचार कार्यक्रमों और विद्यार्थियों के मार्गदर्शन में उनकी सक्रिय भूमिका ने विद्यालय में वैज्ञानिक वातावरण तैयार करने में योगदान दिया।
विज्ञान प्रदर्शनी जैसे आयोजनों में विद्यार्थियों को स्थानीय समस्याओं के वैज्ञानिक समाधान खोजने, मॉडल तैयार करने और अपने विचारों को प्रस्तुत करने का अवसर मिलता है। ऐसे आयोजनों में उनकी भागीदारी ने विद्यार्थियों के भीतर वैज्ञानिक सोच और रचनात्मकता को बढ़ावा देने में भूमिका निभाई है।

उच्च शिक्षा और शोध से भी जुड़ा रहा सफर

शिक्षण के साथ डॉ. अभिषेक सिंह ने स्वयं भी उच्च शिक्षा और शोध के क्षेत्र में निरंतर अध्ययन जारी रखा। उन्होंने BHU से M.Sc. Physics की शिक्षा प्राप्त की और बाद में शोध के क्षेत्र में आगे बढ़ते हुए Ph.D. की उपाधि हासिल की।
इस प्रकार उनका शैक्षणिक सफर विद्यार्थी से शिक्षक और फिर शोधकर्ता तक लगातार आगे बढ़ता रहा। विषय की गहरी समझ और शोधपरक दृष्टिकोण ने उनके शिक्षण को भी व्यापक आधार दिया।

विद्यार्थियों के साथ सामाजिक सरोकार भी

डॉ. अभिषेक सिंह शिक्षा को केवल विद्यालय की चारदीवारी तक सीमित रखने के बजाय विद्यार्थियों के व्यापक विकास से जोड़ने के पक्षधर रहे हैं। इसी सोच के साथ वे सामाजिक एवं शैक्षणिक गतिविधियों से भी जुड़े रहे हैं।
वे महेंद्र प्रताप चैरिटेबल ट्रस्ट के संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक के रूप में भी शैक्षणिक एवं सामाजिक पहल से जुड़े हैं। ट्रस्ट के माध्यम से प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने की दिशा में महेंद्र मेमोरियल अवार्ड जैसी पहल भी की गई है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों की प्रतिभा को पहचानना और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना रहा है।

सम्मान के बाद बढ़ी जिम्मेदारी

राज्य शिक्षक पुरस्कार प्राप्त करने के बाद डॉ. अभिषेक सिंह ने अपनी उपलब्धि का श्रेय माता-पिता, परिवार, विद्यार्थियों, विद्यालय के सहयोगियों, विद्यालय प्रबंधन, पूर्व प्रधानाचार्य, मित्रों, शुभचिंतकों और रिश्तेदारों को दिया।
उन्होंने कहा कि शिक्षक को मिलने वाला सम्मान केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं होता, बल्कि यह विद्यार्थियों और समाज के प्रति उसकी जिम्मेदारी को और बढ़ाता है। राज्य शिक्षक पुरस्कार उन्हें शिक्षा, विज्ञान और नवाचार के क्षेत्र में और बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित करेगा।

विद्यालय और जिले के लिए भी गौरव का क्षण

डॉ. अभिषेक सिंह को राज्य शिक्षक पुरस्कार मिलना न केवल उनके व्यक्तिगत शिक्षकीय जीवन की महत्वपूर्ण उपलब्धि है, बल्कि हीरालाल रामनिवास इंटर कॉलेज और संतकबीरनगर जिले के लिए भी गौरव का विषय है।
राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग से प्रदेश के चयनित शिक्षकों में डॉ. अभिषेक कुमार सिंह का नाम शामिल था। शिक्षक दिवस पर गोरखपुर में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किए जाने के साथ उनकी वर्षों की शैक्षणिक सेवाओं और विज्ञान-नवाचार के क्षेत्र में किए गए प्रयासों को राज्य स्तर पर पहचान मिली।

एक नजर में डॉ. अभिषेक सिंह

नाम: डॉ. अभिषेक कुमार सिंह
विषय: भौतिक विज्ञान
पद: प्रवक्ता
संस्थान: हीरालाल रामनिवास इंटर कॉलेज, खलीलाबाद
शिक्षण सेवा: 01 सितंबर 2006 से
प्रमुख क्षेत्र: विज्ञान शिक्षा, नवाचार, अनुसंधान एवं विद्यार्थी मार्गदर्शन
अटल टिंकरिंग लैब: 2017 से सक्रिय भूमिका
विशेष उपलब्धि: विद्यार्थियों की राष्ट्रीय स्तर की नवाचार प्रतियोगिताओं में भागीदारी
सम्मान: राज्य शिक्षक पुरस्कार-2025
सम्मान प्रदान किया: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
स्थान: योगीराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह, गोरखपुर
अवसर: शिक्षक दिवस, 05 सितंबर

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