NOI संवाददाता, कानपुर। चकेरी हवाई अड्डे पर यात्रियों की संख्या में सालाना बढ़ोतरी की रफ्तार भले ही सुस्त पड़ गई हो, लेकिन सुखद पहलू यह है कि सुविधाओं (कस्टमर सटिस्फेक्शन सर्वे) के मामले में यह देश के टाप-10 एयरपोर्ट्स में चुना गया है।

हाल ही में भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआइ) की ओर से जारी रिपोर्ट में चकेरी एयरपोर्ट को यात्री सुविधाओं के मामले में देश में नौवां स्थान मिला है। इस सूची में यूपी के दो और जिले शामिल हैं। अयोध्या एयरपोर्ट को पांचवां और प्रयागराज एयरपोर्ट 10वें स्थान पर है। एएआई से जारी रैंकिंग में वर्ष 2019 में चकेरी एयरपोर्ट 34वें, जबकि 2023 में 26वें स्थान पर था।

एएआइ की रैंकिंग में यात्री संख्या के मामले में देश में 69वें स्थान पर काबिज चकेरी हवाई अड्डे को एक बार फिर रफ्तार मिलने जा रही है। अगले महीने से शहरवासियों को जून में बंद हुई हैदराबाद और जेवर (नोएडा) की फ्लाइट्स की सौगात फिर से मिल सकती है।

साथ ही बेंगलुरु की उड़ान भी हफ्ते में तीन के बजाय चार दिन करने की तैयारी है। प्रदेश सरकार को भेजे गए नए विस्तार प्रस्ताव के तहत जल्द ही यहां कार्गो सेवा और सीआइएसएफ आवासीय कालोनी का निर्माण भी शुरू होगा। इससे यात्रियों की संख्या में इजाफा होने की उम्मीद है।

नए टर्मिनल पर यह सुविधाएं

एक साथ तीन बड़े यात्री हवाई जहाज खड़े होने की व्यवस्था।
डिपार्चर साइड में 300 व एराइवल साइड में 150 यात्रियों के बैठने की क्षमता।
टर्मिनल पर 150 चार पहिया वाहनों के लिए पार्किंग व्यवस्था।
कम दृश्यता में उड़ान के लिए आइएलएस 2 सिस्टम। रात में हवाई जहाज उतरने और उड़ने की व्यवस्था की तैयारी है।
नए टर्मिनल की विशेषताएं
6243 वर्गमीटर में बने नए टर्मिनल का कुल भूमि का क्षेत्रफल 50 एकड़ का है।
400 यात्रियों की एक साथ आवाजाही हो सकती है।
आठ चेक इन काउंटर से यात्रियों के लिए त्वरित आवाजाही होती है।
850 वर्ग मीटर में फैले कंसेशियर एरिया में खरीदारी व भोजन की विविध रेंज पेश करने की क्षमता।
दृष्टिबाधित यात्रियों के लिए स्पर्श पथ प्रावधान भी है।
नए टर्मिनल को जीआरआइएच-4 रेटिंग मिली है।
टर्मिनल भवन ऐसा बनाया गया है जिसे भविष्य में दोनों तरफ बढ़ाया जा सकता है।

यात्रियों की बात

सिटी से एयरपोर्ट की कनेक्टविटी बहुत खराब है। नौबस्ता और रामादेवी चौराहे पर जाम के कारण दो बार प्लाइट छूट चुकी है। टर्मिनल की कैंटीन में खाने पीने का सामान फ्लाइट के रेट का है। फिलहाल यह लखनऊ एयरपोर्ट की तुलना में भी बहुत पीछे है।
-जय प्रकाश वलेचा, रतनलाल नगर

व्यापार के सिलसिले में अक्सर फ्लाइट से आना जाना होता है। अक्सर लखनऊ से फ्लाइट पकड़ते हैं। यहां बहुत कुछ बेहतर की जरूरत है। नया टर्मिनल बनने के बाद उम्मीद थी कि फ्लाइट की संख्या बढ़ेगी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। फ्लाइट बढ़ानी चाहिए।
-अंकित, गल्ला मंडी

हैदराबाद की उड़ान बंद होने और बेंगलुरु की नियमित उड़ान तीन दिन ही करने से यात्रियों की संख्या घटी है। जेवर की उड़ान अगले माह से प्रस्तावित है। हैदराबाद तीन के बजाय चार दिन होगी। यात्री सुविधाएं पर्याप्त हैं। एयरपोर्ट के विस्तार का डीपीआर जल्द बनेगा।
-प्रदीप यादव, निदेशक एयरपोर्ट

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