NOI डेस्क, नई दिल्ली/लखनऊ। Analogue Paneer Ban in UP | हाल ही में उत्तर प्रदेश में एनालॉग डेयरी प्रोडक्ट पर पूरी तरह से बैन लगा दिया गया है। इसमें पनीर भी शामिल है। सबसे पहले महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, जम्मू-कश्मीर और मध्य प्रदेश में बैन हुआ, अब अब उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश में भी इसके उत्पादन और बिक्री पर रोक लगा दी है। 

सरकार ने बेशक यह फैसला आमजन के हित में लिया है, लेकिन इस हानिकारक एनालॉग डेयरी प्रोडक्ट्स के बारे में लोगों को सीमित जानकारी ही है। आइए प्रमुख बिंदुओं के जरिए आसान भाषा में समझते हैं कि आखिर एनालॉग डेयरी प्रोडक्ट्स क्या होते हैं और इसकी पहचान कैसे करते हैं?
एनालॉग डेयरी प्रोडक्ट में क्या-क्या है शामिल? (UP Ban Dairy Products List)

एनालॉग डेयरी प्रोडक्ट्स (Analog Dairy Products) में मुख्य रूप से वे सभी खाद्य पदार्थ होते हैं, जो देखने, छूने और स्वाद में असली डेयरी यानी कि दूध से बने उत्पादों जैसे लगते हैं, लेकिन उन्हें असली दूध या मिल्क फैट के बिना तैयार किया जाता है।
 
इसमें नकली पनीर, खोया, मक्खन-मलाई, देसी घी, चीज (cheese) और नॉन डेयरी क्रीम जैसे कि केक और पेस्ट्री में इस्तेमाल होने वाली क्रीम, जो दूध से नहीं, बल्कि वनस्पति तेल और केमिकल्स से बनती है।
 
क्या होता है एनालॉग पनीर? (Analog Paneer Meaning)

एनालॉग पनीर असली पनीर जैसा दिखता है, लेकिन असली पनीर नहीं होता है। बल्कि यह पूरी तरह से एक सिंथेटिक और प्रोसेस्ड प्रोडक्ट है। जैसे कि असली पनीर शुद्ध गाय या भैंस के दूध को फाड़कर तैयार किया जाता है, लेकिन एनालॉग पनीर ऐसे नहीं बनाया जाता है। एनालॉग पनीर में दूध का इस्तेमाल न के बराबर या नाममात्र होता है।

कैसे बनता है एनालॉग पनीर? (Analog Paneer Kaise Banta Hai)

इसे बनाने में असली दूध के फैट और प्रोटीन के बजाय वनस्पति तेल (मुख्य रूप से पाम ऑयल), मिल्क पाउडर, स्टार्च (आलू या मक्के का), सोया प्रोटीन और इमल्सीफायर का उपयोग किया जाता है। यह दिखने और स्वाद में असली जैसा होता है, पर बहुत सस्ता पड़ता है।

क्यों बनाया जाता है एनालॉग पनीर? (Analog Paneer Kya Hai)

पनीर अक्सर सभी लोग खाते हैं, जिससे इसकी डिमांड भी मार्केट में बहुत ज्यादा है। ऐसे में कुछ दुकानदार नकली पनीर यानी कि एनालॉग पनीर बनाकर बेचते हैं। इसमें लागत कम आती है, जिससे उनको ज्यादा मुनाफा होता है।

जैसे कि जहां बाजार में असली पनीर 350 से 450 रुपये प्रति किलो मिलता है, वहीं एनालॉग पनीर 100 से 150 प्रति किलो में तैयार हो जाता है।

इस तरह दुकानदार को 250 से 300 रुपये का मुनाफा होता है। इसी भारी मुनाफे के चक्कर में कई स्ट्रीट फूड विक्रेता, ढाबे, रेस्टोरेंट और शादी-ब्याह के कैटरर्स असली पनीर की जगह इसी एनालॉग पनीर का धड़ल्ले से इस्तेमाल करते हैं।

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