NOI संवाददाता, लखनऊ। बुद्धेश्वर क्षेत्र में नगर निगम की पशु पकड़ने गई टीम पर पथराव कर सरकारी काम में बाधा डालने के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। घटना के दिन ही दो महिलाओं को गिरफ्तार कर जेल भेजने के बाद अब पुलिस ने 13 से अधिक नामजद आरोपितों पर गैंग्स्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक, घटना में शामिल अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।

पुलिस उपायुक्त पश्चिमी कमलेश दीक्षित ने स्पष्ट किया कि अराजकता फैलाने और पुलिस-प्रशासन की टीम पर हमला करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पारा पुलिस ने सोमवार को खुशबून और आफरीन को गिरफ्तार किया था। दोनों अब्बास की पुत्रियां और गादियाना, आदर्श विहार की रहने वाली हैं। दोनों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।

दरअसल, बुद्धेश्वर क्षेत्र में नगर निगम की टीम पशुओं को पकड़ने पहुंची थी। टीम ने कार्रवाई शुरू की तो कुछ लोगों ने विरोध करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। देखते ही देखते भीड़ उग्र हो गई और नगर निगम कर्मचारियों व सरकारी वाहनों पर पथराव शुरू कर दिया गया। हालात इस कदर बिगड़े कि मौके पर पहुंची पुलिस टीम को भी विरोध का सामना करना पड़ा।

पथराव में नगर निगम के कई कर्मचारी और बुद्धेश्वर चौकी प्रभारी विनय पटेल घायल हुए। साथ ही एक सिपाही की गर्दन दबाकर जान से मारने का प्रयास भी किया था। उपद्रवियों ने सरकारी वाहनों को भी निशाना बनाया और चार वाहनों के आगे के शीशे तोड़ दिए। इसके बावजूद टीम ने कार्रवाई जारी रखते हुए मौके से 18 भैंसों को पकड़ लिया। घटना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति नियंत्रित की और कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।

नगर निगम के पशु कल्याण अधिकारी अवधेश कुमार की तहरीर पर पारा थाने में नामजद और अज्ञात आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। जांच में दो महिलाओं की भूमिका सामने आने पर उनकी गिरफ्तारी की गई। डीसीपी पश्चिमी कमलेश दीक्षित ने बताया कि अन्य आरोपितों की तलाश में दबिश दी जा रही है। सभी आरोपितों के आपराधिक कृत्य और भूमिका के आधार पर गिरोहबंद अधिनियम के तहत गैंग्स्टर की कार्रवाई की जाएगी।

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